गांधी जी के 150 साल

गांधी जी के १५० साल दर्द-ओ-ग़म-ए हयात का दरमा चला गया ,  वो ख़िज़र-ए-अस्र-ए-दौरां चला गया हिन्दू चला गया ना मुसलमान चला गया,  इंसाँ की जुस्तजु में एक इंसाँ चला गया रकसाँ चला गया ना ग़ज़ल-ख़्वां चला गया , सोज़-ओ-गुदाज-ओ-दर्द में घलतां...

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बूढ़ा होना

“उठ जाओ बेटा, सात बज गए।” उमेश ने अपनी बेटी को लाड़ से जगाते हुए कहा। वह थोड़ा सा कुनमनाई और फिर करवट बदल कर वापस सो गई। “उठ जाओ बेटा, देखो कितनी धूप निकल आई है।” उसने एक और कोशिश की। “बस पाँच मिनट में उठता हूँ।”  बेटी ने बिना आँखें खोले...

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भारत : एक खोज

भारत : एक खोज   बचपन से जुड़ी हुई यादों की जड़ें बहुत गहरी होती हैं। अंधेरे या उजाले जो बचपन में चाहे अनचाहे घिर आते हैं, ताउम्र की सीख बन जाते हैं; कई बार आपके हर वयस्क निर्णय को प्रभावित करते हैं।   जवाहर लाल नेहरु का अध्ययन भी विशद...

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सीता अपहरण : विविध आयाम

भारतवर्ष की अपनी अनूठी सृष्टि विद्या है, और इसका आरम्भिक बिंदु है, जल। मत्स्य अवतार की साफ़री हो, या कि महावराह अथवा कच्छप, तीनों आरम्भिक अवतार का उद्गम जल ही है। जल ही सृष्टि की योनि है । हिरण्यगर्भ रूप तेजोमय अग्नि भी इसी आदि जल के भीतर स्थित...

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